चीन के शियनमें शहर से पाकिस्तान को परेशान करने वाली खबर आई है। ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र में पहली बार पाक स्थित आतंकी समूहों को नाम और उनके घृणित काम को कोसा गया है। पाकिस्तान के आका देश चीन के न चाहने पर भी पाकिस्तान में फल फूल रहे आतंकवादी संगठनों जैश ए मुहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन, हक्कानी गुट, लश्करे तैयबा आदि संगठनों को क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा माना गया है। हमेशा सैयद सलाहुद्दीन और मसूद अजहर जैसे आतंकियों की पैरवी करने वाले चीन की ही सरज़मीं से भारत ने अपनी आक्रामक कूटनीति के जरिये इन पर प्रहार किया है। जबकि अमरीका पाकिस्तान में फल फूल रहे आतंकवाद पर पहले ही अपनी सख्त नाराज़गी दिखा चुका है। इस घोषणापत्र के बाद पाक द्वारा आतंकवाद को दिए जा रहे सरकारी संरक्षण को जारी रखना आसान न होगा।
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