गुरुवार, 25 अप्रैल 2013
शनिवार, 20 अप्रैल 2013
श्रीरामसेतु : आध्यात्मिक महत्व का महातीर्थ
वर्तमान समय में श्रीरामसेतुसर्वत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा 8अक्टूबर 2002को रामेश्वरमके समीप भारत और श्रीलंका के मध्य समुद्र में एक सेतु खोज लेने के बाद श्रीरामसेतुको काल्पनिक कहकर इसके अस्तित्व को नकार सकना संभव नहीं है। सीताहरण के बाद श्रीराम की वानरसेनाने लंका पर चढाई करने के लिए समुद्र पर सेतु बनाया था। राम-नाम के प्रताप से पत्थर पानी पर तैरने लगे।
रामसेतुका धार्मिक महत्व केवल इससे ही जाना जा सकता है कि स्कन्दपुराणके ब्रह्मखण्डमें इस सेतु के माहात्म्य का बडे विस्तार से वर्णन किया गया है। नैमिषारण्य में ऋषियों के द्वारा जीवों की मुक्ति का सुगम उपाय पूछने पर सूत जी बोले-
दृष्टमात्रेरामसेतौमुक्ति: संसार-सागरात् |
हरे हरौचभक्ति: स्यात्तथापुण्यसमृद्धिता ||
[स्कन्दपुराण ब्रह्मखण्ड]
रामसेतु के दर्शनमात्रसे संसार-सागर से मुक्ति मिल जाती है। भगवान विष्णु और शिव में भक्ति तथा पुण्य की वृद्धि होती है। इसलिए यह सेतु सबके लिए परम पूज्य है
सेतु-महिमा का गुणगान करते हुए सूतजीशौनकआदि ऋषियों से कहते हैं- सेतु का दर्शन करने पर सब यज्ञों का, समस्त तीर्थो में स्नान का तथा सभी तपस्याओं का पुण्यफलप्राप्त होता है। सेतु-क्षेत्र में स्नान करने से सब प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं तथा भक्त को मरणोपरांत वैकुण्ठ में प्रवेश मिलता है। सेतुतीर्थका स्नान अन्त:करण को शुद्ध करके मोक्ष का अधिकारी बना देता है। पापनाशक सेतुतीर्थमें निष्काम भाव से किया हुआ स्नान मोक्ष देता है। जो मनुष्य धन-सम्पत्ति के उद्देश्य से सेतुतीर्थमें स्नान करता है, वह सुख-समृद्धि पाता है। जो विद्वान चारों वेदों में पारंगत होने, समस्त शास्त्रों का ज्ञान और मंत्रों की सिद्धि के विचार से सर्वार्थसिद्धिदायकसेतुतीर्थमें स्नान करता है, उसे मनोवांछित सिद्धि अवश्य प्राप्त होती है। जो भी सेतुतीर्थमें स्नान करता है, वह इहलोक और परलोक में कभी दु:ख का भागी नहीं होता। जिस प्रकार कामधेनु, चिन्तामणि तथा कल्पवृक्ष समस्त अभीष्ट वस्तुओं को प्रदान करते हैं, उसी प्रकार सेतु-स्नान सब मनोरथ पूर्ण करता है।
रामसेतुके क्षेत्र में अनेक तीर्थ स्थित हैं अत:स्कन्दपुराणमें सेतुयात्राका क्रम एवं विधान भी वर्णित है। सेतुतीर्थमें पहुंचने पर सेतु की वन्दना करें-
रघुवीरपदन्यासपवित्रीकृतपांसवे।
दशकण्ठशिरश्छेदहेतवेसेतवेनम:॥
केतवेरामचन्द्रस्यमोक्षमार्गैकहेतवे।
सीतायामानसाम्भोजभानवेसेतवेनम:॥
"श्रीरघुवीर के चरण रखने से जिसकी धूलि परम पवित्र हो गई है, जो दशानन रावण के सिर कटने का एकमात्र हेतु है, उस सेतु को नमस्कार है। जो मोक्षमार्गका प्रधान हेतु तथा श्रीरामचन्द्रजीके सुयश को फहरानेवालाध्वज है, सीताजीके हृदयकमलके खिलने के लिए सूर्यदेव के समान है, उस सेतु को मेरा नमस्कार है।"
श्रीरामचरितमानसमें स्वयं भगवान श्रीराम का कथन है-
मम कृत सेतु जो दरसनुकरिही।
सो बिनुश्रम भवसागर तरिही॥
"जो मेरे बनाए सेतु का दर्शन करेगा, वह कोई परिश्रम किए बिना ही संसाररूपीसमुद्र से तर जाएगा"
श्रीमद्वाल्मीकीयरामायण के युद्धकाण्डके 22वेंअध्याय में लिखा है कि विश्वकर्मा के पुत्र वानरश्रेष्ठनल के नेतृत्व में वानरों ने मात्र पांच दिन में सौ योजन लंबा तथा दस योजन चौडा पुल समुद्र के ऊपर बनाकर रामजी की सेना के लंका में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त कर दिया था। यह अपने आपमें एक विश्व-कीर्तिमान है। आज के इस आधुनिक युग में नवीनतम तकनीक के द्वारा भी इतने कम समय में यह कारनामा कर दिखाना संभव नहीं लगता।
महर्षि वाल्मीकि रामसेतुकी प्रशंसा में कहते हैं-
अशोभतमहान् सेतु: सीमन्तइवसागरे।
वह महान सेतु सागर में सीमन्त(मांग)के समान शोभित था।
सनलेनकृत: सेतु: सागरेमकरालये । शुशुभेसुभग: श्रीमान् स्वातीपथइवाम्बरे॥
मगरों से भरे समुद्र में नल के द्वारा निर्मित वह सुंदर सेतु आकाश में छायापथके समान सुशोभित था।
स्कन्दपुराणके सेतु-माहात्म्य में धनुष्कोटितीर्थ का उल्लेख भी है-
दक्षिणाम्बुनिधौपुण्येरामसेतौविमुक्तिदे।
धनुष्कोटिरितिख्यातंतीर्थमस्तिविमुक्तिदम्॥
दक्षिण-समुद्र के तट पर जहां परम पवित्र रामसेतुहै, वहीं धनुष्कोटिनाम से विख्यात एक मुक्तिदायक तीर्थ है।
इसके विषय में यह कथा है-भगवान श्रीराम जब लंका पर विजय प्राप्त करने के उपरान्त भगवती सीता के साथ वापस लौटने लगे तब लंकापति विभीषण ने प्रार्थना की - प्रभो! आपके द्वारा बनवाया गया यह सेतु बना रहा तो भविष्य में इस मार्ग से भारत के बलाभिमानीराजा मेरी लंका पर आक्रमण करेंगे। लंका-नरेश विभीषण के अनुरोध पर श्रीरामचन्द्रजीने अपने धनुष की कोटि (नोक) से सेतु को एक स्थान से तोडकर उस भाग को समुद्र में डुबो दिया। इससे उस स्थान का नाम धनुष्कोटि हो गया। इस पतितपावनतीर्थ में जप-तप, स्नान-दान से महापातकोंका नाश, मनोकामना की पूर्ति तथा सद्गति मिलती है। धनुष्कोटिका दर्शन करने वाले व्यक्ति के हृदय की अज्ञानमयीग्रंथि कट जाती है, उसके सब संशय दूर हो जाते हैं और संचित पापों का नाश हो जाता है। यहां पिण्डदान करने से पितरोंको कल्पपर्यन्ततृप्ति रहती है। धनुष्कोटितीर्थ में पृथ्वी के दस कोटि सहस्र(एक खरब) तीर्थो का वास है।वस्तुत:रामसेतुमहातीर्थहै। विद्वानों ने इस सेतु को लगभग 17,50,000साल पुराना बताया है। हिन्दू धर्मग्रन्थों में निर्दिष्ट काल-गणना के अनुसार यह समय त्रेतायुगका है, जिसमें भगवान श्रीराम का अवतार हुआ था। सही मायनों में यह सेतु रामकथा की वास्तविकता का ऐतिहासिक प्रमाण है। समुद्र में जलमग्न हो जाने पर भी रामसेतुका आध्यात्मिक प्रभाव नष्ट नहीं हुआ है।

॥ श्रीसीतारामचंद्रार्पणमस्तु ॥
शुक्रवार, 5 अप्रैल 2013
डा० महेंद्र सिंह, से खास वार्ता -
डा० महेंद्र सिंह, विधान परिषद् सदस्य यूपी, सदस्य, राष्ट्रीय कार्यसमिति भाजपा, से खास वार्ता -
चित्रकूट में हुई भाजपा कार्यसमिति की बैठक में राम और राम मंदिर के मुद्दे को भुला दिए जानें के सवाल पर पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र कुछ असहज से लगते हुए बोले कि भारत और भारतीय जनता पार्टी दोनों की राम से अलग होकर कोई कल्पना नहीं की जा सकती है । राम सेतु मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राम सेतु हमारे लिए एक धरोहर है, किसी भी कीमत पर हम उसे टूटने नहीं देंगे ।
सुशील अवस्थी "राजन" लखनऊ। भारत वासियों और भारत माता की सेवा के लिए मैं राजनीती में आया हूँ, जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी से बेहतर और कोई पार्टी नहीं हो सकती है। क्योंकि सिर्फ यही पार्टी है जो भारत और भारतीयता की बात करती है, जब भी सेवा का अवसर मिला भाजपा ने अपनें कार्यों से यह कर दिखाया है । यह कहना है डाo महेंद्र सिंह का डाo सिंह भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य व विधान परिषद् सदस्य यूपी है।
भारत और की इंडिया की विषमता के सवाल पर डाo सिंह का साफ कहना है, जब तक हम भारत थे दुनिया हमें विश्वगुरु मानती थी, लेकिन जब से हमनें इण्डिया की अवधारणा को आत्मसात किया है हम पतन की ऒर बढ़ रहे हैं । जब बात इंडिया की होती है तब हम गाँव,गरीब और किसान को भूल जाते हैं । इंडिया देश के चुनिन्दा अंग्रेज़ीदा अमीरों की धारणा है , जबकि भारत समग्रता का परिचायक है । भारतीय जनता पार्टी भारत की अवधारणा के साथ है न कि इंडिया की ।
अखिलेश सरकार को निशानें पर लेते हुए डाo सिंह नें कहा यूपी में सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं है । एक साल में हुए ३४ दंगे बताते हैं कि सरकार पर अखिलेश यादव की कोई पकड़ नहीं है । इस बात को आये दिन खुद मुलायम सिंह कहते हैं कि अधिकारी निरंकुश हो चुके हैं । मेरा मानना है कि माया ने जहाँ से छोंडा था अखिलेश वही से शुरुआत कर रहे हैं । प्रदेश का दुर्भाग्य है कि माया और मुलायम नें इसे बर्बाद कर दिया है । उच्च शिक्षा के मामले में भारत सरकार की एक रिपोर्ट में यूपी २३ स्थान पर है, विकास दर के अनुसार हम ३.४% पर हैं तो भाजपा शासित म.प्र. १८% की ऊंची विकास दर से हमसे कोसो आगे है। घाटे पर चल रही अखिलेश सरकार कोई भी योजनागत कार्य न कर गैर योजनागत कार्य कर अपनी राजनीती चमकानें के लिए लैपटाप बांटे जा रही है।
मुलायम द्वारा आडवाणी की तारीफ किये जानें का कारण पूंछने पर डाo महेंद्र कहते हैं कि मुलायम सिर्फ सीबीआई से डरते हैं, कांग्रेस द्वारा जिस तरह से उन्हें सीबीआई से डराया गया है, उन्हें लगता है कि अगली सरकार एनडीए की ही होगी। हालाँकि भाजपा सीबीआई के दुरूपयोग के खिलाफ है । भाजपा का मानना है कि अगर मुलायम नें आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है तो उन्हें जेल जानें के लिए तैयार रहना चाहिए ।
मंगलवार, 2 अप्रैल 2013
अरविन्द त्रिपाठी "गुड्डू" विधान परिषद् सदस्य यूपी से खास बातचीत
सुशील अवस्थी "राजन" लखनऊ । जब बहुजन समाज पार्टी की उत्तर प्रदेश की सत्ता से विदाई हो रही थी और समाजवादी पार्टी सत्तासीन हो रही थी तब हमारी मुखिया बहन मायावती जी नें कहा था, कि एक दिन उत्तर प्रदेश की जनता पछताएगी, आज उनकी कही हुई बात अक्षरशः सही साबित हो रही है। अब जनता भी सपा सरकार के कामकाज के तरीके से खासी नाराज हो चुकी है । जिसका एहसास इस सरकार के संचालको को आनें वाले लोकसभा चुनाओं के नतीजों से हो जायेगा । उक्त बातें अरविन्द कुमार त्रिपाठी "गुड्डू" विधान परिषद् सदस्य उत्तर प्रदेश नें लोक पंचायत से खास बातचीत में कही ।
गुड्डू त्रिपाठी नें आगे कहा - कि आम और गरीब आदमी की दिक्कतें दिन ब दिन बढती जा रही हैं, लेकिन अखिलेश सरकार उनकी समस्या को लेकर बेहद लापरवाह है। कानून व्यवस्था को लेकर अब आम आदमी कहनें लगा है कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को बहिन जी के सिवा कोई भी पटरी पर ला पानें में समर्थ नहीं है। कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना जैसी जन हितकारी योजना पर कुद्रष्टि डालकर और दलित समाज के महापुरुषों के साथ भेद भाव कर इस सरकार नें अपनी बदनीयती का परिचय दे दिया है।
रविवार, 3 मार्च 2013
चित्रकूट में अव्यवस्था का आलम
चित्रकूट से वापस आकर लखनऊ से सुशील अवस्थी "राजन"
चित्रकूट हिन्दू धर्मावलम्बियों के लिए बड़ा ही महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसी मान्यता है कि भगवान राम नें अपनें वनवास के करीब १० वर्ष यहीं पर बिताये थे। सामान्य दिनों में भी यहाँ देश के तमाम हिस्सों से हजारों श्रद्धालु अपना इहलोक व परलोक सुधारनें आते हैं। लेकिन उन्हें यहाँ मिलती है तो सिर्फ अव्यवस्था। चित्रकूट धाम (कर्वी) रेलवे स्टेशन पर उतरते ही आपको जगह-जगह फैली गन्दगी और बदबू से तो दो चार होना ही पड़ेगा, साथ ही स्टेशन परिसर में इंसानों के साथ आवारा पशुओं की धींगामुश्ती से भी सावधान रहना पड़ेगा। आये दिन छुट्टा जानवरों की निर्भीक चहल कदमी से यात्रियों के चोटिल होनें की घटनाएँ सामनें आती रहती हैं। पूछताछ काउंटर पर कौन से महोदय की डयूटी है? अधिकतर श्रद्धालु सिर्फ इसी पूछताछ में अपना समय खपाते देखे जा सकते हैं।
| रेलवे स्टेशन या काजी हॉउस |
| सन्नाटेदार पूछताछ काउंटर |
स्टेशन परिसर से बाहर निकलते ही छोटे से तिपहिया टेम्पो पर १६-१७ सवारियों को लाद ठूँसकर चलनें वाले द्रश्य देखकर आप भी दांतों तले ऊँगली दबानें को बाध्य हो जायेंगे। उस पर सड़क में गड्ढा या गड्ढे में सड़क वाली रोड को नापते हुए यदि आप चित्रकूट तक सकुशल पहुंचते हैं तो यकीन मानिये आप पर आपके आराध्य भगवान राम की अपार कृपा है। चित्रकूट पहुँच कर आप इस दिव्यता का अवश्य ही एहसास करेंगे मानों सारी स्थानीय व्यवस्था आपको लूटनें के लिए ही सजाई गयी है। तथाकथित बाबाओं, साधुओं, भिखारियों और दुकानदारों की नजर आपके बटुए पर ही होती है। होटलों और गेस्ट हाउसों के मनमाने रेट बोर्ड आपसे कह उठते हैं, कि आ गए हो तो जानें की जिद न करो .....।
राम घाट पर मन्दाकिनी स्नान करते हुए आपको साबुन लगा लगाकर नहाते और कपडे धोते हुए ऐसे भक्तों से भी मुकाबला करना होगा जिन्हें आप किसी भी तरह की उचित सलाह देकर मुसीबत मोल ले सकते है। मन्दाकिनी नदी में गिरते गंदे नाले तो निश्चय ही आपकी श्रद्धा-भक्ति की परीक्षा लेकर ही रहेंगे। कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा करते हुए भी श्रद्धालुओं को ऐसी ही तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। परन्तु प्रशासन की निद्रा अनवरत जारी है।
अहिंसा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष इन्द्रेश राजपूत कहते हैं कि "केंद्र और यूपी में तो तथाकथित धर्म निरपेक्ष सरकार है, हिन्दू धर्म स्थलों की घोर उपेक्षा से ही दोनों सरकारों की धर्म निरपेक्षता प्रखर होती है, लेकिन चित्रकूट तीर्थ स्थल के जो हिस्से मध्य प्रदेश में आते हैं, वहां की तथाकथित राम भक्त भाजपा सरकार की उदासीनता हमें हतप्रभ करती है। उन्हें आखिर बेहतरीन व्यवस्था करनें से कौन रोक रहा है, हम सभी श्रद्धालुओं को जागरूक और संगठित होनें की जरुरत है"
सोमवार, 25 फ़रवरी 2013
सीताराम जी की प्यारी राजधानी ..... अयोध्या
मेरी अयोध्या यात्रा से सम्बन्धित कुछ छायाचित्र (फोटो)..... जिन्हें मैं आप सभी तक पहुंचा रहा हूँ|
| अयोध्या का तुलसी उद्यान |
| सपत्नीक सरयू स्नान |
| कनक भवन की चौखट पर सपरिवार सुशील अवस्थी |
| चिंतन के कुछ पल |
| पत्नी के साथ |
| मैं सेवक समेत सुत नारी ... साथ में मेरी बिटिया प्यारी |
| कनक भवन के अन्दर राम भक्तों के मध्य |
| हनुमान गढ़ी में बजरंगी दर्शन |
| भाई जैसा मित्र पंकज चौरसिया सरयू नहाते हुए |
रविवार, 17 फ़रवरी 2013
रिशिका का जन्म दिन
15 फरवरी को मेरी 3 साल की प्यारी बिटिया रिशिका का जन्म दिन था। 14 को अखण्ड रामायण पाठ फिर 15 को आयोजित प्रीती भोज। इस अवसर पर लखनऊ के अनेंक गणमान्य व आत्मीय जनों नें अपनें शुभाशीष से मेरी दुलारी के उज्जवल भविष्य की कामना की। सभी का हार्दिक धन्यवाद्। आप भी अपना आशीर्वाद प्रदान करें।
| रिशिका को केक कटवाते श्री अरविन्द त्रिपाठी "गुड्डू" विधान परिषद् सदस्य |
| श्री रामचरित मानस का अखंड पाठ |
| श्री अशोक बाजपेई जी की गरिमा मयी उपस्थिति |
| ईश पूजा |
| प्रीती भोज में अपनी ऊर्जावान मौजूदगी से प्रीती की रीति को नयी परिभाषा देते यूपी सरकार के राज्य मंत्री श्री राजा चतुर्वेदी |
| तू सदा खुश रहे ये दुआ है हमारी |
गुरुवार, 17 जनवरी 2013
अपनें विभाग में नहीं लगनें दूंगा भ्रष्टाचार का दीमग - राजा चतुर्वेदी
उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा चतुर्वेदी से खास बातचीत
| नई दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र लोक पंचायत के लिए उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा चतुर्वेदी का साक्षात्कार करते हुए सुशील अवस्थी |
(सुशील अवस्थी "राजन") लखनऊ, उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम हमेशा भ्रष्टाचार से मुक्त रहा है। यहाँ तक कि भ्रष्टाचार की अविरल गंगा बहानें वाली पिछली बसपा सरकार में भी निर्माण निगम की कार्यप्रणाली पर कहीं कोई दाग नहीं लगा। जिसका सारा श्रेय निर्माण निगम के समर्पित और कर्मठ अधिकारियों व कर्मचारियों को जाता है। एक बात मैं दावे से कहता हूँ कि मैं अपनें विभाग को भ्रष्टाचार का दीमग नहीं लगनें दूंगा। मेरी कोशिश रहेगी कि मेरे कार्यकाल में भी निगम भ्रष्टाचार मुक्त रहे।
मैं पूरा प्रयास करूँगा कि समाज कल्याण निर्माण निगम लोहिया समग्र विकास योजना और गरीबी आवास योजना शीघ्र पूरा करे, जिससे प्रदेश के गरीब, असहाय व निःशक्त लोगों को राहत दी जा सके, जो कि हमारे मुख्यमंत्री मा0अखिलेश यादव जी की प्राथमिकता है।
सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह द्वारा बार बार अखिलेश सरकार के मंत्रियों को ठीक से काम करनें की नसीहतें दिए जानें पर नवनियुक्त अध्यक्ष चतुर्वेदी नें कहा कहीं कोई गलत काम नहीं कर रहा है, मा0 मुलायम सिंह जी हमारे अगुआ हैं, वह ठीक काम को भी और ठीक से करनें के लिए हम सभी को प्रेरित करते रहते हैं, जिससे हम उत्तर प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर खरे उतर सकें। निर्माण निगम के मुखिया के नाते मैं उनके दिशा निर्देशों को शत प्रतिशत लागू करवानें की कोशिश करूँगा।
बुधवार, 16 जनवरी 2013
चित्रकूट के घाट पर ......
मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर जब सारी दुनिया इलाहाबाद के संगम पर महाकुम्भी स्नान हेतु खिची जा रही थी, ठीक उसी समय मैं अपनें परिवार व अभिन्न मित्र श्री सर्वेश पाण्डेय जी के साथ चित्रकूट में मन्दाकिनी स्नान कर रहा था। 13-16 जनवरी तक की यह यात्रा मेरे जीवन की अविस्मरनीय यात्राओं में अंकित रहेगी। जिसकों मैं चित्रों के माध्यम से आप सब तक पहुंचा रहा हूँ।
| रामघाट मन्दाकिनी में सपत्नीक स्नान |
| सर्वेश पाण्डेय जी के साथ स्नान करता मेरा बीटा रिषभ |
| रामघाट पर बैठी मेरी 3 साल की प्यारी बिटिया रिशिका |
मन्दाकिनी में सपरिवार नौकाविहार
|
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
योगी का एक मंत्री.. जिसे निपटाने के लिए रचा गया बड़ा षडयंत्र हुआ नाकाम
सुशील अवस्थी 'राजन' चित्र में एक पेशेंट है जिसे एक सज्जन कुछ पिला रहे हैं। दरसल ये चित्र आगरा के एक निजी अस्पताल का है। पेशेंट है ...
-
विभीषण द्वारा रावण को समझाने के लिए तुलसीदास अपने महाकाव्य राम चरित मानस के सुन्दरकाण्ड में यह सुन्दर चौपाई लिखते है- काम, क्रोध, मद, ...
-
सुशील अवस्थी 'राजन' चित्र में एक पेशेंट है जिसे एक सज्जन कुछ पिला रहे हैं। दरसल ये चित्र आगरा के एक निजी अस्पताल का है। पेशेंट है ...
-
उत्तर प्रदेश के जिलाधिकारियों (डीएम) के सीयूजी नंबर। District Magistrate Uttar Pradesh CUG No's Sl.No District CUG No. 1 DM Agra ...



.jpg)