अगर मोदी सरकार में साध्वी प्रज्ञा मालेगांव विस्फोट कांड से बाहर हो सकती हैं, तो फिर आडवाणी, जोशी, उमा आदि बाबरी विध्वंस कांड से क्यों नहीं बाहर हो सकते? कौन नहीं जानता कि सीबीआई भी दबावों के बीच ही अपने कर्तव्य तय करती है। मुझे लगता है भाजपा धार्मिक ध्रुवीकरण का राजनीतिक खेल खेलना चाह रही है, क्योंकि उसे लग गया है कि सुशासन की राह आसान नहीं है। अब जब मुस्लिम सर्वाधिक दुविधाग्रस्त स्थिति में है, तब धार्मिक ध्रुवीकरण का सबसे अधिक लाभ भाजपा को ही मिलेगा। हो सकता है कि ऐसे माहौल में योगी बाबा अयोध्या से ही विधायक बनना पसंद करें।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
योगी का एक मंत्री.. जिसे निपटाने के लिए रचा गया बड़ा षडयंत्र हुआ नाकाम
सुशील अवस्थी 'राजन' चित्र में एक पेशेंट है जिसे एक सज्जन कुछ पिला रहे हैं। दरसल ये चित्र आगरा के एक निजी अस्पताल का है। पेशेंट है ...
-
विभीषण द्वारा रावण को समझाने के लिए तुलसीदास अपने महाकाव्य राम चरित मानस के सुन्दरकाण्ड में यह सुन्दर चौपाई लिखते है- काम, क्रोध, मद, ...
-
सुशील अवस्थी 'राजन' चित्र में एक पेशेंट है जिसे एक सज्जन कुछ पिला रहे हैं। दरसल ये चित्र आगरा के एक निजी अस्पताल का है। पेशेंट है ...
-
कुख्यात माफिया सरगना मुख्तार को यूपी की जेल में आना ही पड़ेगा। आज सुप्रीमकोर्ट ने यह आदेश दिया है। जिसे पंजाब की अमरिंदर सरकार को मानना ही हो...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें