शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011

"RAM-RAJYA AUR BJP"


                  राम-राज्य और भाजपा
       यूपी विधान सभा चुनाव नजदीक देख भाजपा ने राम शिगूफा छेंड दिया है| बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी आजकल महासंग्राम रैलियों में विकास और रामराज्य का नया काम्बिनेशन प्रस्तुत कर रहे हैं| रामराज्य दुनिया के इतिहास की सबसे बेहतरीन शासन व्यवस्था रही है| जिस राज्य में नहि दरिद्र कोऊ दुखी न दीना .... नारा नही था बल्कि साकार लक्ष्य था|
       राम-राज्य के लिए सर्वाधिक जरुरी है एक राम का होना| वो राम जो राम-राज्य कि जन हितकारी धारणा को मजबूत बनाये रखने के लिए अपनी प्राण प्रिय पत्नी सीता का परित्याग कर देते हैं| भाजपा कहाँ से लाएगी ऐसे राम?  अयोध्या के राम को तो भाजपा ने जमकर छला  है| वे राम तो अब उसके बहकावे में आने से रहे| फिर गडकरी जी किस रामराज्य की धुन बजा रहे हैं| ऐसा नही है कि अब आम आदमी के मानस से राम दूर हो गए हैं| लेकिन हाँ भाजपा के संकीर्ण वादी राम से देश के लोगों ने किनारा जरुर कर लिया है| राम हिंदुस्तान ही नही सारी दुनिया के लोगों के लिए आराध्य हैं| इसीलिए भाजपाइयों से सारा देश यही कहना चाहता है| देखो ए दीवानों ऐसा काम न करो राम का नाम बदनाम न करो ....

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