शनिवार, 30 जून 2012

अब कैन में ही चिल्ड हो जाएगी बीयर

  लंदन। बीयर का शौक रखने वालों को गर्मी में ठंडी बीयर नहीं मिलने पर काफी गुस्सा आता है, लेकिन जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी। बाजार में ऐसा कैन आने वाला है जो अपने अंदर की बीयर को सिर्फ दो मिनट में बर्फ की तरह ठंडा कर देगा। इसे चिलकैन नाम दिया गया है। कैन निर्माताओं का कहना है कि यह इस वर्ष के अंत तक बाजार में उपलब्ध हो जाएगा। इसकी पेंदी में एक कैप्सूल जुड़ा होता है और इससे दबावयुक्त कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है जो कैन को 15 डिग्री सेंटीग्रेड तक ठंडा कर सकती है। कैन को बनाने में मदद करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ सर्रे के सेंटर फॉर एनवायरमेंटल स्ट्रेटजी में प्रोफेसर रोनाल्ड क्लिफ्ट ने बताया, नई तकनीक पर्यावरण के लिए नुकसानदायक नहीं होगी। ब्रिटिश अखबार डेली मेल ने क्लिफ्ट के हवाले से कहा है कि उनकी रणनीति वर्तमान में प्रचलित कैन की जगह नए कैन का विकास करने की है। क्लिफ्ट ब्रिटेन के पर्यावरण मंत्रालय में सलाहकार रह चुके हैं। उन्हें ऐसी कैन बनाने को कहा गया था जिसका प्रयोग ठंडा करने वाले हानिकारक पदार्थो के बिना किया जा सके। कैलिफोर्निया की जोसेफ कंपनी ने 500 मिलीलीटर के चिलकैन को बनाने में 20 वर्ष लिए। पहले जो कैन बनाए गए थे वे पर्यावरण के लिए हानिकारक थे क्योंकि उनमें एक रेफ्रीजरेंट (ठंडा करने वाले पदार्थ) का प्रयोग होता था जो ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में सहायक था।

सोमवार, 25 जून 2012

जीवित आदमी की शवयात्रा

एमपी में जीवित आदमी की शवयात्रा निकालने का टोटका   इंदौर। मध्य प्रदेश में म़ॉनसून आने में हो रही देरी ने हर किसी के माथे पर चिंता की सलवटें ला दी है और यही कारण है कि जगह-जगह टोटके व पूजा-पाठ किया जाने लगा है। हद तो तब हो गई जब इंदौर में लोगों ने जीवित आदमी की ही शवयात्रा निकाल डाली और इंद्र देवता को मनाने की कोशिश करने लगे।
   राज्य का हर हिस्सा इन दिनों गर्मी से झुलस रहा है, पानी का संकट भी गहराने लगा है। वहीं केरल सहित देश के अन्य हिस्सों में मॉनसून दस्तक दे चुका है, मगर प्रदेश के पूर्वी हिस्से को छोड़कर सभी जगह लोगों को बारिश का इंतजार है। मॉनसून में और देरी होने की संभावना के मौसम विभाग के पूर्वानुमान के चलते लोगों में मायूसी है।

   मॉनसून आए और हर किसी को राहत मिले, इसके लिए इंदौर में जीवित आदमी की शवयात्रा निकालने का टोटका किया गया। राजकुमार सब्जी मंडी के व्यापारियों ने सोमवार को कैलाश वर्मा नामक व्यक्ति को अर्थी पर लिटाकर शवयात्रा निकाली। इस शवयात्रा में आगे बैंडबाजे बज रहे थे, वहीं एक व्यक्ति मटकी में जलती हुई आग लेकर चल रहा था। जिस तरह एक मरे हुए आदमी की शव-यात्रा में की जाती है।
   सब्जी मंडी के किशोर मरमट बताते हैं कि देवी अहिल्याबाई होल्कर के काल में बारिश अच्छी न होने पर जीवित व्यक्ति की अर्थी निकालने की परंपरा रही है, आज के दौर में भी जब अच्छी बारिश नहीं होती है, तब इसी तरह का टोटका किया जाता है।
   मरमट का कहना है कि अच्छी बारिश होगी तो फसल की पैदावार अच्छी होगी और हर तरफ खुशहाली आएगी। उनका मानना है कि जिंदा आदमी की शवयात्रा निकालने का टोटका किए जाने से अच्छी बारिश होती है।
   कैलाश वर्मा पिछले पांच वर्षों से अर्थी पर लेटकर अपनी शवयात्रा पर निकलते आ रहे हैं। वह कहते हैं कि अपनी शवयात्रा निकालने पर उन्हें किसी तरह का रंज नहीं होता, उन्हें तो इस बात की खुशी होती है कि लोग उनके जरिए टोटका कर अच्छी बारिश की कामना करते हैं।
   इसी तरह राज्य के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश के लिए अनुष्ठानों का दौर चल रहा है। मंदिरों में पूजा-पाठ कर लोग इंद्र देवता को मनाने की कोशिश कर रहे हैं।

आग का गोला बनी सड़क पर दौड़ती डीसीएम, दो घायल

   मोहनलालगंज (लखनऊ)। कानपुर से तारपीन का तेल व पेंट लेकर आ रही डीसीएम रविवार रात जुनाबगंज रोड स्थित बलसिंह खेड़ा के पास आग का गोला बन गई। पुलिस के मुताबिक, कानपुर से पेंट व तारपीन तेल लादकर लखनऊ के लिए रवाना हुई डीसीएम पर ड्राइवर ने कुछ सवारियां बैठा ली थीं। तेज रफ्तार से दौड़ती गाड़ी बलसिंह खेड़ा के सामने से गुजर रही थी कि उसमें आग लग गई। सड़क पर दौड़ती डीसीएम देखते ही देखते आग का गोला बन गई। उसके डाले पर सवार दो लोग जान बचाने के लिए चलती गाड़ी से कूद पड़े। सिर के बल गिरने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस बीच ड्राइवर ने किसी तरह गाड़ी रोकी और उतरकर भाग निकला। डीसीएम पर बैठी सवारियां भी खिसक लीं। ग्रामीणों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना देने के साथ ही सड़क पर तड़प रहे दोनों घायलों को सीएचसी पहुंचाया। दमकल की दो गाड़ियों को पेंट व तारपीन तेल के कारण धू-धूकर जल रही डीसीएम को बुझाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान मार्ग पर यातायात ठप रहा। दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पुलिस ने जली गाड़ी को क्रेन से हटाकर रास्ता साफ कराकर यातायात शुरू करवाया। सीएचसी के डॉक्टरों ने दोनों घायलों की हालत नाजुक बताते हुए उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने जेब से मिले कागजात के आधार पर दोनों की पहचान मोहनलालगंज के गांव खजेहटा निवासी अमृतलाल व गोरखपुर निवासी राजीव यादव के रूप में की। राजीव को खलासी व अमृतलाल को मजदूर बताया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि पेंट व तारपीन तेल से लदी डीसीएम पर सवार किसी व्यक्ति द्वारा बीड़ी पीने की वजह से आग लगी है।

'दबंग 2' की शूटिंग में हादसा, सलमान हुए परेशान

   महबूब स्टूडियो में सलमान खान अभिनीत 'दबंग 2' की शूटिंग के दौरान शनिवार को हुए हादसे में तीन तकनीशियन घायल हो गए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घायलों को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर है। लेकिन इस सब ने हीरो सलमान को हैरान और परेशान कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, "बांद्रा स्थित महबूब स्टूडियो में 'दबंग 2' फिल्म में एक्शन दृश्य की शूटिंग के दौरान हादसा हो गया है जिसमें तीन तकनीशियनों को चोटें आई और उन्हें सुरक्षा उपायों के तहत सेट पर मौजूद चिकित्सकों एवं एम्बुलेंस की सहायता से लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया।"

धमाके के समय सलमान खान खुद मौजूद थे लेकिन वह इस हादसे में बाल बाल बच गए। तीनों तकनीशियों की हालत खतरे से बाहर है। सूत्र के अनुसार सलमान घायलों को लीलावती अस्पताल ले गए जिसमें से दो की हालत गम्भीर बताई गई थी।

सलमान के बाद उनके भाई और फिल्म के निर्देशक अरबाज लीलावती अस्पताल पहुंचे। इसके बाद सलमान के पिता सलीम खान भी घायलों को देखने के लिए आए। 'दबंग 2' 2010 में प्रदर्शित हुई 'दबंग' का सिक्वल है।

हुस्न और किस्मत


'गैंग्स ऑफ वासेपुर' को देखकर बिग बी हुए गदगद!

    मुम्बई। महानायक अमिताभ बच्चन हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में गैंग वार के चित्रण से खासे प्रभावित हैं। अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "इसमें कोई शक नहीं कि आज का दिन गैंग्स ऑफ वासेपुर के नाम रहा। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे इसे देखने का मौका मिला। भारतीय सिनेमा अपनी श्रेष्ठता पर है।"

उन्होंने कहा, "अनुराग कश्यप ने कोई भी बनावटी शॉट नहीं लिया और दृश्य से छेडछाड़ किए बिना उन्हें अपने क्रम में चलने दिया है।"
फिल्म की कहानी जीशान कादरी ने लिखी है। यह फिल्म स्क्रैप के कारोबार को लेकर गैंगस्टर फाहीमा खान और व्यवसायी शबीर आलम के बीच हुए गैंग वार के लिए मशहूर झारखंड के वासेपुर पर आधारित है।

शक्रवार को प्रदर्शित होने के बाद यह फिल्म अधिकतर जगह हाउसफुल रही।
अमिताभ ने फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले मनोज बाजपेयी, नवाजुद्दीन सिद्दकी, रिचा चड्ढ़ा और पीयूष मिश्रा की भी जमकर तारीफ की।

26/11 : आतंकियों का हैंडलर गिरफ्तार

    नई दिल्ली। मुंबई पर हुए 26/11 हमले का मुख्य आरोपी अबू हमजा भारत के कब्जे में आ गया है। उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। खूंखार आतंकवादी और भारत का मोस्ट-वांटेड हमजा उर्फ रियासत अली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के शिकंजे में तब फंसा, जब वह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। यह वही आतंकी है जो मुंबई हमले के दौरान भारत में घुसे आतंकियों को फोन पर निर्देश दे रहा था। हमजा ने इस पूरे हमले को अंजाम देने में अहम किरदार निभाया था। उसके इंडियन मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैबा से सीधे संबंध बताए जाते हैं। हमजा 2006 में भारत छोड़कर पाकिस्तान भाग गया था, जिसके बाद उसने 2008 के मुंबई हमले को अंजाम दिया। मुंबई हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने वाले कुल छह आतंकियों को बतौर हैंडलर चिन्हित किया गया था, जिसमें हमजा मुख्य है। भारत सहित कई एजेंसियां हमजा का सुराग ढूंढने में जुटी हुई थीं। जून, 2012 में उसके नाम गैर-जमानती वॉरंट जारी किया गया था।
5 जुलाई तक रिमांड पर :
दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि हमजा एयरपोर्ट पर आने वाला है। स्पेशल सेल ने ट्रैप लगा दिया और हमजा उसके जाल में आ फंसा। बताया जाता है कि उसके कब्जे से पाकिस्तानी पासपोर्ट और कुछ अन्य अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। स्पेशल सेल ने उसे दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत ने स्पेशल सेल को 5 जुलाई तक के लिए उसे रिमांड पर दे दिया।

योगी का एक मंत्री.. जिसे निपटाने के लिए रचा गया बड़ा षडयंत्र हुआ नाकाम

  सुशील अवस्थी 'राजन' चित्र में एक पेशेंट है जिसे एक सज्जन कुछ पिला रहे हैं। दरसल ये चित्र आगरा के एक निजी अस्पताल का है। पेशेंट है ...